मूल श्लोक
येऽप्यन्यदेवताभक्ता यजन्ते श्रद्धयाऽन्विताः ।तेऽपि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
ye'pyanyadevatābhaktā yajante śraddhayā'nvitāḥ te'pi māmeva kaunteya yajantyavidhipūrvakam
अनुवाद
हे कौन्तेय! श्रद्धायुक्त होकर अन्य देवताओं के भक्त बन करके जो लोग यजन करते है, वे भी विधिपूर्वक न हों, तो भी (पर्याय से) मेरा ही यजन करते हैं;