मूल श्लोक
पिताऽहमस्य जगतो माता धाता पितामहः ।वेद्यं पवित्रमोङ्कार ऋक् साम यजुरेव च ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
pitā'hamasya jagato mātā dhātā pitāmahaḥ vedyaṃ pavitramoṅkāra ṛk sāma yajureva ca
अनुवाद
इस जगत का पिता, माता, धाता (आधार), पितामह (बाबा) मैं हूँ, जो कुछ पवित्र या जो कुछ ज्ञेय है वह और ॐकार, ऋग्वेद, सामवेद, तथा यजुर्वेद भी मैं हूँ।