मूल श्लोक
अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
avajānanti māṃ mūḍhā mānuṣīṃ tanumāśritam paraṃ bhāvamajānanto mama bhūtamaheśvaram
अनुवाद
मूढ लोग मेरे परम स्वरूप को नहीं जानते, कि जो सब भूतों का महान ईश्वर है; वे मुझे मानव-तनुधारी समझ कर मेरी अवहेलना करते है।