भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता ९.११ ·

English

मूल श्लोक

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

avajānanti māṃ mūḍhā mānuṣīṃ tanumāśritam paraṃ bhāvamajānanto mama bhūtamaheśvaram

९.११अध्याय ९ · राजविद्याराजगुह्ययोग३४ में से श्लोक ११

अनुवाद

मूढ लोग मेरे परम स्वरूप को नहीं जानते, कि जो सब भूतों का महान ईश्वर है; वे मुझे मानव-तनुधारी समझ कर मेरी अवहेलना करते है।

— Lokmanya Tilak

अध्याय ९, श्लोक ९.११