भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता ८.१५ ·

English

मूल श्लोक

मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम् ।नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

māmupetya punarjanma duḥkhālayamaśāśvatam nāpnuvanti mahātmānaḥ saṃsiddhiṃ paramāṃ gatāḥ

८.१५अध्याय ८ · अक्षरब्रह्मयोग२८ में से श्लोक १५

अनुवाद

मुझ में मिल जाने पर परमसिद्धि पाये हुए महात्मा उस पुनर्जन्म को नहीं पाते, कि जो दुःखों का घर है और अशाश्वत है।

— Lokmanya Tilak

अध्याय ८, श्लोक ८.१५