मूल श्लोक
न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः ।माययाऽपहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
na māṃ duṣkṛtino mūḍhāḥ prapadyante narādhamāḥ māyayā'pahṛtajñānā āsuraṃ bhāvamāśritāḥ
अनुवाद
माया ने जिनका ज्ञान नष्ट कर दिया है, ऐसे मूढ और दुष्कर्मी नराधम आसुरी बुद्धि में पड़ कर मेरी शरण में नहीं आते।
टिप्पणी
यह बतला दिया, कि माया में डूबे रहनेवाले लोग परमेश्वर को भूल जाते है और नष्ट हो जाते हैं। अब ऐसा न करनेवाले अर्थात् परमेश्वर की शरण में जाकर उसकी भक्ति करनेवाले लोगों का वर्णन करते है।
— Lokmanya Tilak