मूल श्लोक
तत्र तं बुद्धिसंयोगं लभते पौर्वदेहिकम् ।यतते च ततो भूयः संसिद्धौ कुरुनन्दन ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
tatra taṃ buddhisaṃyogaṃ labhate paurvadehikam yatate ca tato bhūyaḥ saṃsiddhau kurunandana
अनुवाद
उसमें अर्थात् इस प्रकार प्राप्त हुए जन्म में वह पूर्व जन्म के बुद्धिसंस्कार को पाता है; और हे कुरुनन्दन! यह उससे भूयः अर्थात् अधिक (योग-) सिद्धि पाने का प्रयत्न करता है।