मूल श्लोक
कर्मणो ह्यपि बोद्धव्यं बोद्धव्यं च विकर्मणः ।अकर्मणश्च बोद्धव्यं गहना कर्मणो गतिः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
karmaṇo hyapi boddhavyaṃ boddhavyaṃ ca vikarmaṇaḥ akarmaṇaśca boddhavyaṃ gahanā karmaṇo gatiḥ
अनुवाद
कर्म की गति गहन है, (अतएव) यह जान लेना चाहिए, कि कर्म क्या है और समझना चाहिए, कि विकर्म (विपरीत कर्म) क्या है और यह भी ज्ञात कर लेना चाहिए, कि अकर्म (कर्म न करना) क्या है।