मूल श्लोक
श्रीभगवानुवाच ।काम एष क्रोध एष रजोगुणसमुद्भवः ।महाशनो महापाप्मा विद्ध्येनमिह वैरिणम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
śrībhagavānuvāca kāma eṣa krodha eṣa rajoguṇasamudbhavaḥ mahāśano mahāpāpmā viddhyenamiha vairiṇam
अनुवाद
श्रीभगवान ने कहा: इस विषय में यह समझो कि रजोगुण से उत्पन्न होनेवाला बड़ा पेटू और बड़ा पापी यह काम एव यह क्रोध ही शत्रु है।