भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता ३.१८ ·

English

मूल श्लोक

नैव तस्य कृतेनार्थो नाकृतेनेह कश्चन ।न चास्य सर्वभूतेषु कश्चिदर्थव्यपाश्रयः ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

naiva tasya kṛtenārtho nākṛteneha kaścana na cāsya sarvabhūteṣu kaścidarthavyapāśrayaḥ

३.१८अध्याय ३ · कर्मयोग४३ में से श्लोक १८

अनुवाद

इसी प्रकार यहाँ अर्थात् इस जगत में (कोई काम) करने से या न करने से भी उसका लाभ नहीं होता; और सब प्राणियों में उसका कुछ भी (निजी) मतलब अटका नहीं रहता।

— Lokmanya Tilak

अध्याय ३, श्लोक ३.१८