मूल श्लोक
कामात्मानः स्वर्गपरा जन्मकर्मफलप्रदाम् ।क्रियाविशेषबहुलां भोगैश्वर्यगतिं प्रति ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
kāmātmānaḥ svargaparā janmakarmaphalapradām kriyāviśeṣabahulāṃ bhogaiśvaryagatiṃ prati
अनुवाद
अनेक प्रकार के (यज्ञ-याग आदि) कर्मों से ही (फिर) जन्मरूप फल मिलता है और (जन्म-जन्मान्तर मे) भोग तथा ऐश्वर्य मिलता है, - स्वर्ग के पीछे पड़े हुए वे काम्य-बुद्धि वाले (लोग),