मूल श्लोक
अर्जुन उवाच ।कथं भीष्ममहं सङ्ख्ये द्रोणं च मधुसूदन ।इषुभिः प्रतियोत्स्यामि पूजार्हावरिसूदन ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
arjuna uvāca kathaṃ bhīṣmamahaṃ saṅkhye droṇaṃ ca madhusūdana iṣubhiḥ pratiyotsyāmi pūjārhāvarisūdana
अनुवाद
अर्जुन ने कहा: हे मधुसूदन! मैं (परम-) पूज्य भीष्म और द्रोण के साथ शत्रुनाशन युद्ध में बाणों से कैसे लडूँगा?