मूल श्लोक
अथ चैनं नित्यजातं नित्यं वा मन्यसे मृतम् ।तथापि त्वं महाबाहो नैनं शोचितुमर्हसि ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
atha cainaṃ nityajātaṃ nityaṃ vā manyase mṛtam tathāpi tvaṃ mahābāho nainaṃ śocitumarhasi
अनुवाद
अथवा, यदि तू ऐसा मानता हो कि यह आत्मा (नित्य नहीं, शरीर के साथ ही) सदा जन्मता है या सदा मरता है, तो भी हे महाबाहु! उसका शोक करना तुझे उचित नहीं।