भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १८.७० ·

English

मूल श्लोक

अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः ।ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

adhyeṣyate ca ya imaṃ dharmyaṃ saṃvādamāvayoḥ jñānayajñena tenāhamiṣṭaḥ syāmiti me matiḥ

१८.७०अध्याय १८ · मोक्षसंन्यासयोग७८ में से श्लोक ७०

अनुवाद

हम दोनों के इस धर्मसंवाद का जो कोई अध्ययन करेगा, मैं समझूँगा, कि उसने ज्ञानयज्ञ से मेरी पूजा की।

— Lokmanya Tilak

अध्याय १८, श्लोक १८.७०