मूल श्लोक
अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः ।ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
adhyeṣyate ca ya imaṃ dharmyaṃ saṃvādamāvayoḥ jñānayajñena tenāhamiṣṭaḥ syāmiti me matiḥ
अनुवाद
हम दोनों के इस धर्मसंवाद का जो कोई अध्ययन करेगा, मैं समझूँगा, कि उसने ज्ञानयज्ञ से मेरी पूजा की।