मूल श्लोक
नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते ।मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
niyatasya tu saṃnyāsaḥ karmaṇo nopapadyate mohāttasya parityāgastāmasaḥ parikīrtitaḥ
अनुवाद
जो कर्म (स्वधर्म के अनुसार) नियत अर्थात् स्थिर कर दिए गए है, उनका संन्यास यानी त्याग करना (किसी को भी) उचित नहीं है। उनका मोह से किया त्याग तामस कहलाता है।