मूल श्लोक
असौ मया हतः शत्रुर्हनिष्ये चापरानपि ।ईश्वरोऽहमहं भोगी सिद्धोऽहं बलवान्सुखी ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
asau mayā hataḥ śatrurhaniṣye cāparānapi īśvaro'hamahaṃ bhogī siddho'haṃ balavānsukhī
अनुवाद
इस शत्रु को मैंने मार लिया और एवं औरों को भी मारूँगा; मैं ईश्वर, मैं (ही) भोग करनेवाला, मैं सिद्ध, बलाढ्य और सुखी हूँ,