मूल श्लोक
इदमद्य मया लब्धमिमं प्राप्स्ये मनोरथम् ।इदमस्तीदमपि मे भविष्यति पुनर्धनम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
idamadya mayā labdhamimaṃ prāpsye manoratham idamastīdamapi me bhaviṣyati punardhanam
अनुवाद
मैंने आज यह पा लिया, (कल) उस मनोरथ को सिद्ध करूँगा; यह धन (मेरे पास) है, और फिर वह भी मेरा होगा;