भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १६.१३ ·

English

मूल श्लोक

इदमद्य मया लब्धमिमं प्राप्स्ये मनोरथम् ।इदमस्तीदमपि मे भविष्यति पुनर्धनम् ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

idamadya mayā labdhamimaṃ prāpsye manoratham idamastīdamapi me bhaviṣyati punardhanam

१६.१३अध्याय १६ · दैवासुरसम्पद्विभागयोग२४ में से श्लोक १३

अनुवाद

मैंने आज यह पा लिया, (कल) उस मनोरथ को सिद्ध करूँगा; यह धन (मेरे पास) है, और फिर वह भी मेरा होगा;

— Lokmanya Tilak

अध्याय १६, श्लोक १६.१३