मूल श्लोक
काममाश्रित्य दुष्पूरं दम्भमानमदान्विताः ।मोहाद्गृहीत्वाऽसद्ग्राहान्प्रवर्तन्तेऽशुचिव्रताः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
kāmamāśritya duṣpūraṃ dambhamānamadānvitāḥ mohādgṛhītvā'sadgrāhānpravartante'śucivratāḥ
अनुवाद
(और) ये (आसुरी लोक) दम्भ, मान और मद से व्याप्त होकर मोह के कारण झूठ-मूठ विश्वास अर्थात् मनमानी कल्पना करके गन्दे काम के लिए प्रवृत्त रहते हैं।