मूल श्लोक
चिन्तामपरिमेयां च प्रलयान्तामुपाश्रिताः ।कामोपभोगपरमा एतावदिति निश्चिताः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
cintāmaparimeyāṃ ca pralayāntāmupāśritāḥ kāmopabhogaparamā etāvaditi niścitāḥ
अनुवाद
इसी प्रकार आमरणान्त (सुख भोगने की) अगणित चिन्ताओं से ग्रसे हुए, कामोपभोग में डूबे हुए और निश्चयपूर्वक उसी को सर्वस्व मानने वाले