भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १४.१४ ·

English

मूल श्लोक

यदा सत्त्वे प्रवृद्धे तु प्रलयं याति देहभृत् ।तदोत्तमविदां लोकानमलान्प्रतिपद्यते ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

yadā sattve pravṛddhe tu pralayaṃ yāti dehabhṛt tadottamavidāṃ lokānamalānpratipadyate

१४.१४अध्याय १४ · गुणत्रयविभागयोग२७ में से श्लोक १४

अनुवाद

सत्त्वगुण के उत्कर्ष-काल में यदि प्राणी मर जावे तो उत्तम तत्त्व जानने वालों के, अर्थात् देवता आदि के, निर्मल (स्वर्ग प्रभृति) लोक उसको प्राप्त होते हैं।

— Lokmanya Tilak

अध्याय १४, श्लोक १४.१४