मूल श्लोक
समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम् ।विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
samaṃ sarveṣu bhūteṣu tiṣṭhantaṃ parameśvaram vinaśyatsvavinaśyantaṃ yaḥ paśyati sa paśyati
अनुवाद
सब भूतों में एक सा रहने-वाला, और सब भूतों का नाश हो जाने पर भी जिसका नाश नहीं होता, ऐसे परमेश्वर को जिसने देख लिया, कहना होगा कि उसी ने (सच्चे तत्त्व को) पहचाना।