मूल श्लोक
तेषामहं समुद्धर्ता मृत्युसंसारसागरात् ।भवामि न चिरात्पार्थ मय्यावेशितचेतसाम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
teṣāmahaṃ samuddhartā mṛtyusaṃsārasāgarāt bhavāmi na cirātpārtha mayyāveśitacetasām
अनुवाद
हे पार्थ! मुझमें चित्त लगाने वाले उन लोगों का, मैं इन मृत्युमय संसार-सागर से बिना विलम्ब किए, उद्धार कर देता हूँ।