मूल श्लोक
नाहं वेदैर्न तपसा न दानेन न चेज्यया ।शक्य एवंविधो द्रष्टुं दृष्टवानसि मां यथा ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
nāhaṃ vedairna tapasā na dānena na cejyayā śakya evaṃvidho draṣṭuṃ dṛṣṭavānasi māṃ yathā
अनुवाद
जैसा तूने मुझे देखा है वैसा मुझे वेदों से, तप से, दान से, अथवा यज्ञ से भी (कोई) देख नहीं सकता।