मूल श्लोक
पवनः पवतामस्मि रामः शस्त्रभृतामहम् ।झषाणां मकरश्चास्मि स्रोतसामस्मि जाह्नवी ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
pavanaḥ pavatāmasmi rāmaḥ śastrabhṛtāmaham jhaṣāṇāṃ makaraścāsmi srotasāmasmi jāhnavī
अनुवाद
मैं वेगवानों में वायु हूँ; मैं शस्त्रधारियों में राम, मछलियों में मगर और नदियों में भागीरथी हूँ।