मूल श्लोक
कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः ।धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नमधर्मोऽभिभवत्युत ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
kulakṣaye praṇaśyanti kuladharmāḥ sanātanāḥ dharme naṣṭe kulaṃ kṛtsnamadharmo'bhibhavatyuta
अनुवाद
कुल का क्षय होने से सनातन कुलधर्म नष्ट होते हैं, (कुल-) धर्मों के छूटने से समूचे कुल पर अधर्म की धाक जमती है;