भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १.३१ ·

English

मूल श्लोक

निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव ।न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

nimittāni ca paśyāmi viparītāni keśava na ca śreyo'nupaśyāmi hatvā svajanamāhave

१.३१अध्याय १ · अर्जुनविषादयोग४७ में से श्लोक ३१

अनुवाद

इसी प्रकार, हे केशव! (मुझे सब) लक्षण विपरीत दिखते हैं और स्वजनों को युद्ध में मार कर श्रेय अर्थात् कल्याण (होगा ऐसा) नहीं देख पड़ता।

— Lokmanya Tilak

अध्याय १, श्लोक १.३१