मूल श्लोक
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् ।उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām uvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti
अनुवाद
भीष्म, द्रोण, तथा सब राजाओं के सामने (वे बोले) कि “अर्जुन! यहाँ एकत्रित हुए इन कौरवों को देखो।”