भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १.२५ ·

English

मूल श्लोक

भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् ।उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām uvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti

१.२५अध्याय १ · अर्जुनविषादयोग४७ में से श्लोक २५

अनुवाद

भीष्म, द्रोण, तथा सब राजाओं के सामने (वे बोले) कि “अर्जुन! यहाँ एकत्रित हुए इन कौरवों को देखो।”

— Lokmanya Tilak

अध्याय १, श्लोक १.२५