मूल श्लोक
सततं कीर्तयन्तो मां यतन्तश्च दृढव्रताः ।नमस्यन्तश्च मां भक्त्या नित्ययुक्ता उपासते ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
satataṃ kīrtayanto māṃ yatantaśca dṛḍhavratāḥ namasyantaśca māṃ bhaktyā nityayuktā upāsate
अनुवाद
और यत्नशील, दृढ़व्रत एवं नित्य योग-युक्त हो सदा मेरी कीर्तन और वन्दना करते हुए भक्ति से मेरी उपासना किया करते हैं।