भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता ८.७ ·

English

मूल श्लोक

तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च ।मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम् ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

tasmātsarveṣu kāleṣu māmanusmara yudhya ca mayyarpitamanobuddhirmāmevaiṣyasyasaṃśayam

८.७अध्याय ८ · अक्षरब्रह्मयोग२८ में से श्लोक ७

अनुवाद

इसलिए सर्वकाल – सदैव ही – मेरा स्मरण करता रह और युद्ध कर। मुझमें मन और बुद्धि अर्पण करने से (युद्ध करने पर भी) मुझ में ही निःसन्देह आ मिलेगा।

— Lokmanya Tilak

अध्याय ८, श्लोक ८.७