मूल श्लोक
तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च ।मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
tasmātsarveṣu kāleṣu māmanusmara yudhya ca mayyarpitamanobuddhirmāmevaiṣyasyasaṃśayam
अनुवाद
इसलिए सर्वकाल – सदैव ही – मेरा स्मरण करता रह और युद्ध कर। मुझमें मन और बुद्धि अर्पण करने से (युद्ध करने पर भी) मुझ में ही निःसन्देह आ मिलेगा।