मूल श्लोक
वेदाहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन ।भविष्याणि च भूतानि मां तु वेद न कश्चन ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
vedāhaṃ samatītāni vartamānāni cārjuna bhaviṣyāṇi ca bhūtāni māṃ tu veda na kaścana
अनुवाद
हे अर्जुन! भूत, वर्तमान और भविष्यत् (जो हो चुके हैं उन्हें, मौजूद और आगे होनेवाले) सभी प्राणियों को मैं जानता हूँ; परन्तु मुझे कोई भी नहीं जानता,