मूल श्लोक
अव्यक्तं व्यक्तिमापन्नं मन्यन्ते मामबुद्धयः ।परं भावमजानन्तो ममाव्ययमनुत्तमम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
avyaktaṃ vyaktimāpannaṃ manyante māmabuddhayaḥ paraṃ bhāvamajānanto mamāvyayamanuttamam
अनुवाद
अबुद्धि अर्थात् मूढ़ लोग, मेरे श्रेष्ठ, उत्तमोत्तम और अव्यय रूप को न जान कर मुझ अव्यक्त को व्यक्त हुआ मानते हैं!