मूल श्लोक
बलं बलवतामस्मि कामरागविवर्जितम् ।धर्माविरुद्धो भूतेषु कामोऽस्मि भरतर्षभ ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
balaṃ balavatāmasmi kāmarāgavivarjitam dharmāviruddho bhūteṣu kāmo'smi bharatarṣabha
अनुवाद
काम (वासना) और राग (अर्थात्) विषयासक्ति (इन दोनों को) घटा कर बलवान लोगों का बल मैं हूँ; और हे भरतश्रेष्ठ प्राणियों में, धर्म के विरुद्ध न जाने वाला, काम भी मैं हूँ।