भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता ६.२४ ·

English

मूल श्लोक

सङ्कल्पप्रभावान्कामांस्त्यक्त्वा सर्वानशेषतः ।मनसैवेन्द्रियग्रामं विनियम्य समन्ततः ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

saṅkalpaprabhāvānkāmāṃstyaktvā sarvānaśeṣataḥ manasaivendriyagrāmaṃ viniyamya samantataḥ

६.२४अध्याय ६ · अध्यात्मयोग४७ में से श्लोक २४

अनुवाद

संकल्प से उत्पन्न होनेवाली सब कामनाओं अर्थात् वासनाओं का निःशेष त्याग कर और मन से ही सब इन्द्रियों का चारों ओर संयम कर

— Lokmanya Tilak

अध्याय ६, श्लोक ६.२४