मूल श्लोक
श्रीभगवानुवाच ।बहूनि मे व्यतीतानि जन्मानि तव चार्जुन ।तान्यहं वेद सर्वाणि न त्वं वेत्थ परन्तप ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
śrībhagavānuvāca bahūni me vyatītāni janmāni tava cārjuna tānyahaṃ veda sarvāṇi na tvaṃ vettha parantapa
अनुवाद
श्रीभगवान ने कहा: हे अर्जुन! मेरे और तेरे अनेक जन्म हो चुके हैं। उन सब को मैं जानता हूँ (और) हे परन्तप! तू नहीं जानता (यही भेद है)।