मूल श्लोक
तस्मात्त्वमिन्द्रियाण्यादौ नियम्य भरतर्षभ ।पाप्मानं प्रजहि ह्येनं ज्ञानविज्ञाननाशनम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
tasmāttvamindriyāṇyādau niyamya bharatarṣabha pāpmānaṃ prajahi hyenaṃ jñānavijñānanāśanam
अनुवाद
अतएव हे भरतश्रेष्ठ! पहले इन्द्रियों का संयम करके ज्ञान (अध्यात्म) और विज्ञान (विशेष ज्ञान) का नाश करनेवाले इस पापी को तू मार डाल।