मूल श्लोक
सर्वगुह्यतमं भूयः शृणु मे परमं वचः ।इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
sarvaguhyatamaṃ bhūyaḥ śṛṇu me paramaṃ vacaḥ iṣṭo'si me dṛḍhamiti tato vakṣyāmi te hitam
अनुवाद
(अब) अन्त की एक बात और सुन कि जो सब से गुह्य है। तू मुझे अत्यन्त प्यारा है, इसलिए मैं तेरे हित की बात कहता हूँ।