मूल श्लोक
तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत ।तत्प्रसादात्परां शान्तिं स्थानं प्राप्स्यसि शाश्वतम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
tameva śaraṇaṃ gaccha sarvabhāvena bhārata tatprasādātparāṃ śāntiṃ sthānaṃ prāpsyasi śāśvatam
अनुवाद
इसलिए हे भारत! तू सर्व भाव से उसी की शरण में जा। उसके अनुग्रह से तुझे परम शान्ति और नित्यस्थान प्राप्त होगा।