मूल श्लोक
निश्चयं शृणु मे तत्र त्यागे भरतसत्तम ।त्यागो हि पुरुषव्याघ्र त्रिविधः सम्प्रकीर्तितः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
niścayaṃ śṛṇu me tatra tyāge bharatasattama tyāgo hi puruṣavyāghra trividhaḥ samprakīrtitaḥ
अनुवाद
अतएव हे भरतश्रेष्ठ! त्याग के विषय में मेरा निर्णय सुन। हे पुरुषश्रेष्ठ! त्याग तीन प्रकार का कहा गया है।