मूल श्लोक
तस्मादोमित्युदाहृत्य यज्ञदानतपःक्रियाः ।प्रवर्तन्ते विधानोक्ताः सततं ब्रह्मवादिनाम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
tasmādomityudāhṛtya yajñadānatapaḥkriyāḥ pravartante vidhānoktāḥ satataṃ brahmavādinām
अनुवाद
तस्मात् अर्थात् जगत का आरम्भ इस संकल्प से हुआ है इस कारण ब्रह्मवादी लोगों के यज्ञ, दान, तप तथा अन्य शास्त्रोक्त कर्म सदा ॐ के उच्चार के साथ हुआ करते हैं,