मूल श्लोक
आत्मसंभाविताः स्तब्धा धनमानमदान्विताः ।यजन्ते नामयज्ञैस्ते दम्भेनाविधिपूर्वकम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
ātmasaṃbhāvitāḥ stabdhā dhanamānamadānvitāḥ yajante nāmayajñaiste dambhenāvidhipūrvakam
अनुवाद
आत्मप्रशंसा करनेवाले, एँठ से बर्तने वाले, धन और मान के मद से संयुक्त ये (आसुरी) लोग दम्भ से, शास्त्र-विधि छोड़ कर केवल नाम के लिए यज्ञ किया करते है।