मूल श्लोक
सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तयः संभवन्ति याः ।तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रदः पिता ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
sarvayoniṣu kaunteya mūrtayaḥ saṃbhavanti yāḥ tāsāṃ brahma mahadyonirahaṃ bījapradaḥ pitā
अनुवाद
हे कौन्तेय! (पशुपक्षी आदि) सब योनियों में जो मूर्तियाँ जन्मती हैं, उनकी योनि महत् ब्रह्म है और मैं बीजदाता पिता हूँ।