भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १४.४ ·

English

मूल श्लोक

सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तयः संभवन्ति याः ।तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रदः पिता ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

sarvayoniṣu kaunteya mūrtayaḥ saṃbhavanti yāḥ tāsāṃ brahma mahadyonirahaṃ bījapradaḥ pitā

१४.४अध्याय १४ · गुणत्रयविभागयोग२७ में से श्लोक ४

अनुवाद

हे कौन्तेय! (पशुपक्षी आदि) सब योनियों में जो मूर्तियाँ जन्मती हैं, उनकी योनि महत् ब्रह्म है और मैं बीजदाता पिता हूँ।

— Lokmanya Tilak

अध्याय १४, श्लोक १४.४