मूल श्लोक
श्रीभगवानुवाच ।परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् ।यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
śrībhagavānuvāca paraṃ bhūyaḥ pravakṣyāmi jñānānāṃ jñānamuttamam yajjñātvā munayaḥ sarve parāṃ siddhimito gatāḥ
अनुवाद
श्रीभगवान ने कहा: और फिर सब ज्ञानों से उत्तम ज्ञान बतलाता हूँ, कि जिसको जान कर सब मुनि लोग इस लोक से परम सिद्धि पा गए है।