मूल श्लोक
मा ते व्यथा मा च विमूढभावोदृष्ट्वा रूपं घोरमीदृङ्ममेदम् ।व्यपेतभीः प्रीतमनाः पुनस्त्वम्तदेव मे रूपमिदं प्रपश्य ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
mā te vyathā mā ca vimūḍhabhāvo dṛṣṭvā rūpaṃ ghoramīdṛṅmamedam vyapetabhīḥ prītamanāḥ punastvam tadeva me rūpamidaṃ prapaśya
अनुवाद
मेरे ऐसे घोर रूप को देख कर अपने चित्त में व्यथा न होने दे; और मूढ मत हो जा। डर छोड़ कर सन्तुष्ट मन से मेरे उसी स्वरूप को फिर देख ले।