मूल श्लोक
यच्चावहासार्थमसत्कृतोऽसिविहारशय्यासनभोजनेषु ।एकोऽथवाऽप्यच्युत तत्समक्षम्तत्क्षामये त्वामहमप्रमेयम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
yaccāvahāsārthamasatkṛto'si vihāraśayyāsanabhojaneṣu eko'thavā'pyacyuta tatsamakṣam tatkṣāmaye tvāmahamaprameyam
अनुवाद
और हे अच्युत! आहार-विहार में अथवा सोने-बैठने में, अकेले में या दस मनुष्यों के समक्ष मैंने हँसी-दिल्लगी में तुम्हारा जो अपमान किया हो, उसके लिए मैं तुमसे क्षमा माँगता हूँ।