मूल श्लोक
यथा नदीनां बहवोऽम्बुवेगाःसमुद्रमेवाभिमुखा द्रवन्ति ।तथा तवामी नरलोकवीराःविशन्ति वक्त्राण्यभिविज्वलन्ति ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
yathā nadīnāṃ bahavo'mbuvegāḥ samudramevābhimukhā dravanti tathā tavāmī naralokavīrāḥ viśanti vaktrāṇyabhivijvalanti
अनुवाद
तुम्हारे अनेक प्रज्वलित मुखों में मनुष्यलोक के ये वीर वैसे ही घुस रहे हैं, जैसे कि नदियों के बड़े-बड़े प्रवाह समुद्र की ही ओर चले जाते हैं।