मूल श्लोक
दिवि सूर्यसहस्रस्य भवेद्युगपदुत्थिता ।यदि भाः सदृशी सा स्याद्भासस्तस्य महात्मनः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
divi sūryasahasrasya bhavedyugapadutthitā yadi bhāḥ sadṛśī sā syādbhāsastasya mahātmanaḥ
अनुवाद
यदि आकाश में एक हजार सूर्यो की प्रभा एकसाथ हो, तो भी वह उस महात्मा की कान्ति के समान (कुछ-कुछ) देख पड़े!