मूल श्लोक
यद्यद्विभूतिमत्सत्त्वं श्रीमदूर्जितमेव वा ।तत्तदेवावगच्छ त्वं मम तेजोंऽशसम्भवम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
yadyadvibhūtimatsattvaṃ śrīmadūrjitameva vā tattadevāvagaccha tvaṃ mama tejoṃ'śasambhavam
अनुवाद
जो वस्तु वैभव, लक्ष्मी या प्रभाव से युक्त है, उसको तुम मेरे तेज के अंश से उपजी हुई समझो।