मूल श्लोक
नान्तोऽस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप ।एष तूद्देशतः प्रोक्तो विभूतेर्विस्तरो मया ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
nānto'sti mama divyānāṃ vibhūtīnāṃ parantapa eṣa tūddeśataḥ prokto vibhūtervistaro mayā
अनुवाद
हे परन्तप! मेरी दिव्य विभूतियों का अन्त नहीं है। विभूतियों का यह विस्तार मैंने (केवल) दिग्दर्शनार्थ बतलाया है।
टिप्पणी
इस प्रकार मुख्य-मुख्य विभूतियाँ बतला कर अब इस प्रकरण का उपसंहार करते है -
— Lokmanya Tilak