मूल श्लोक
आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान् ।मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
ādityānāmahaṃ viṣṇurjyotiṣāṃ raviraṃśumān marīcirmarutāmasmi nakṣatrāṇāmahaṃ śaśī
अनुवाद
(बारह) आदित्यों में विष्णु मैं हूँ; तेजस्वियों में कि रणशाली सूर्य, (सात अथवा उनचास) मरुतों में मरीचि और इन्द्रियों में चन्द्रमा मैं हूँ।