मूल श्लोक
सर्वमेतदृतं मन्ये यन्मां वदसि केशव ।न हि ते भगवन्व्यक्तिं विदुर्देवा न दानवाः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
sarvametadṛtaṃ manye yanmāṃ vadasi keśava na hi te bhagavanvyaktiṃ vidurdevā na dānavāḥ
अनुवाद
हे केशव! तुम मुझसे जो कहते हो, उस सब को मैं सत्य मानता हूँ। हे भगवान! तुम्हारी व्यक्ति अर्थात् तुम्हारा मूल देवताओं को विदित नहीं और दानवों को विदित नहीं।