मूल श्लोक
सद्भावे साधुभावे च सदित्येतत्प्रयुज्यते ।प्रशस्ते कर्मणि तथा सच्छब्दः पार्थ युज्यते ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
sadbhāve sādhubhāve ca sadityetatprayujyate praśaste karmaṇi tathā sacchabdaḥ pārtha yujyate
अनुवाद
अस्तित्व और साधुता अर्थात् भलाई के अर्थ में 'सत्' शब्द का उपयोग किया जाता है। और हे पार्थ! इसी प्रकार प्रशस्त अर्थात् अच्छे कर्मों के लिए भी 'सत्' शब्द प्रयुक्त होता है।